स्कोर कैसे बनता है
हर प्रयास में एक कुल स्कोर और चार अलग-अलग स्कोर मिलते हैं। ये अलग-अलग चीज़ें मापते हैं, और जो सबसे कम हो वही बताता है कि क्या अभ्यास करना है।
नीचे के चारों स्कोर को मिलाकर बना एक अंक। यह सबसे तेज़ी से बताता है कि आपका उच्चारण स्पष्ट बोली के कितना करीब था।
इसे कैसे सुधारें: कुल स्कोर से ज़्यादा अलग-अलग स्कोर देखें। कुल स्कोर बताता है कैसा रहा, अलग स्कोर बताते हैं क्या बदलना है।
सटीकता
हर ध्वनि अपेक्षित उच्चारण से कितनी मिली, शब्द दर शब्द।
इसे कैसे सुधारें: सबसे कम स्कोर वाले शब्द को धीरे और बढ़ा-चढ़ाकर बोलें, फिर सामान्य गति से। नतीजे में रेखांकित शब्द शुरुआत का बिंदु हैं।
प्रवाह
वाक्य कितना बहाव में था: गलत जगह ठहराव, झिझक और शब्दों के बीच अस्वाभाविक अंतराल।
इसे कैसे सुधारें: पहले वाक्य मन में पढ़ें, फिर पूरा वाक्य एक सांस में बोलें। यहाँ निरंतरता मायने रखती है, गति नहीं।
पूर्णता
आपने वाक्य का कितना हिस्सा असल में बोला। छोड़े या दबाए गए शब्द इसे घटाते हैं।
इसे कैसे सुधारें: यह कम हो तो आप छोटे शब्द छोड़ रहे होंगे या अंत में आवाज़ धीमी कर रहे होंगे। वाक्य पूरा बोलकर खत्म करें।
लय
बलाघात, लय और सुर: सही अक्षरों पर ज़ोर था या नहीं, और आपकी आवाज़ स्वाभाविक रूप से ऊपर-नीचे हुई या नहीं।
इसे कैसे सुधारें: यह सबसे कठिन है। सुनने वाले बटन से वाक्य चलाएँ और शब्दों के बजाय उसकी धुन की नकल करें।